Updates from November, 2015 Toggle Comment Threads | Keyboard Shortcuts

  • Srinivasa 6:17 pm on November 27, 2015 Permalink | Reply
    Tags: बीजगणित   

    बीजगणित समस्या (Algebra Problem) 

    वनान्तराले प्लवगाष्टभागः संवर्गितो वल्गति जातरागः ।
    ब्रूत्कारनादप्रतिनादहृष्टा दृष्टा गिरौ द्वादश ते कियन्तः ।।

    One eighth of a troop of monkeys, squared, was sporting in the forest; the remaining twelve could be seen on the hill, chattering with one another. How many monkeys were there in all?

    (x/8)**2 + 12 = x; therefore, x = 48 or 16

    २०१५-२७-११ शुक्रवासरः (2015-27-11 Friday)

     
  • Srinivasa 4:29 am on November 23, 2015 Permalink | Reply
    Tags: प्रातिपदिक, व्याकरण   

    प्रहेलिका (Riddle) 

    धीरः कीदृग्वचो ब्रूते को रोगी कश्च नास्तिकः ।
    कीदृक्चन्द्रं न पश्यन्ति तत्सूत्रं पाणिनेर्वद ।।

    धीरः अर्थवद्वचो ब्रूते । अधातू रोगी भवति । अप्रत्ययो नास्तिकः कथ्यते । प्रातिपदिकं चन्द्रं न पश्यन्ति । सम्पूर्णं सू्त्रं चतुर्णामपि प्रश्नानां उत्तररूपं अथवा ‘अर्थवदाधातुरप्रत्ययः प्रातिपदिकम् ‘ (१।२।४५)

    २०१५-२२-११ रविवासरः (2015-22-11 Sunday)

     
  • Srinivasa 10:11 pm on November 15, 2015 Permalink | Reply
    Tags: स्वादिगण, हि धातु   

    प्राहिणोत् (Sent) 

    प्राहिणोत् (प्र +हि लङ् प्र पु एक)
    हि गतौ वृद्धौ च इति स्वादिगणीय अनिट् परस्मैपदी धातुरस्ति ।

    महाश्वेता तु तच्छ््रुत्वा ’गच्छ, स्वयमेवाहमागत्य यथार्हमाचरिष्यामि’, इत्युक्त्वा केयूरकं प्राहिणोत्। (कादम्बर्याम्)

    On hearing this Mahasveta sent away Keyuraka with the words, “You may go. I shall go there myself and act appropriately”.

    ‘प्र हि श्नु तिप्’ इति लङ्लकारे प्राप्ते श्नुविकरणस्य ङिद्वद्भावात् हिधातोः इकारस्य गुणादेशं बाधित्वा नकारस्य गुणादेशः भूत्वा हिनु मीना (८।४।१५) इत्यनेन णकारादेशः भूत्वा प्राहिणोत् इति रूपम् ।

    २०१५-१५-११ रविवासरः (2015-15-11 Sunday)

     
  • Himanshu Pota 6:59 pm on November 2, 2015 Permalink | Reply
    Tags: ,   

    संस्कृतध्येयवाक्यानि 

    डॉबलदेवानन्दसागरेण प्रेषितानि वाक्यानि।

    1-आर्य समाज- – कृण्वन्तो विश्वमार्यम्
    2-आर्य वीर दल- – अस्माकं वीरा उत्तरे भवन्तु
    3-भारत सरकार- – सत्यमेव जयते
    4-लोक सभा- – धर्मचक्र प्रवर्तनाय
    5-उच्चतम न्यायालय- – यतो धर्मस्ततो जयः
    6-आल इंडिया रेडियो -सर्वजन हिताय सर्वजनसुखाय‌
    7-दूरदर्शन – सत्यं शिवम् सुन्दरम
    8-गोवा राज्य सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्।
    9-भारतीय जीवन बीमा निगम- – योगक्षेमं वहाम्यहम्
    10-डाक तार विभाग- – अहर्निशं सेवामहे
    11-श्रम मंत्रालय- – श्रम एव जयते
    12-भारतीय सांख्यिकी संस्थान- – भिन्नेष्वेकस्य दर्शनम्
    13-थल सेना- – सेवा अस्माकं धर्मः
    14-वायु सेना- – नभःस्पृशं दीप्तम्
    15-जल सेना- – शं नो वरुणः
    16-मुंबई पुलिस- – सद्रक्षणाय खलनिग्रहणाय
    17-हिंदी अकादमी – अहम् राष्ट्री संगमनी वसूनाम
    18-भारतीय राष्ट्रीय विज्ञानं अकादमी -हव्याभिर्भगः सवितुर्वरेण्यं
    19-भारतीय प्रशासनिक सेवा अकादमी- – योगः कर्मसु कौशलं
    20-विश्वविद्यालय अनुदान आयोग- – ज्ञान-विज्ञानं विमुक्तये
    21-नेशनल कौंसिल फॉर टीचर एजुकेशन – गुरुः गुरुतामो धामः
    22-गुरुकुल काङ्गडी विश्वविद्यालय-ब्रह्मचर्येण तपसा देवा मृत्युमपाघ्नत
    23-इन्द्रप्रस्थविश्वविद्यालय – ज्योतिर्व्रणीततमसो विजानन
    24-काशी हिन्दू विश्वविद्यालय- : विद्ययाऽमृतमश्नुते
    25-आन्ध्र विश्वविद्यालय- – तेजस्विनावधीतमस्तु
    26-बंगाल अभियांत्रिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय,
    27-शिवपुर- – उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान् निबोधत
    28-गुजरात राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय -आनो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः
    29- राष्ट्रिय संस्कृत संस्थान- योSनूचानः स नो महान्
    30-संपूणानंद संस्कृत विश्वविद्यालय- – श्रुतं मे गोपय
    31-श्री वैंकटेश्वर विश्वविद्यालय- – ज्ञानं सम्यग् वेक्षणम्
    32-कालीकट विश्वविद्यालय- – निर्मय कर्मणा श्री
    33-दिल्ली विश्वविद्यालय- – निष्ठा धृति: सत्यम्
    34-केरल विश्वविद्यालय- – कर्मणि व्यज्यते प्रज्ञा
    35-राजस्थान विश्वविद्यालय- – धर्मो विश्वस्यजगतः प्रतिष्ठा
    36-पश्चिम बंगाल राष्ट्रीय न्यायिक विज्ञान विश्वविद्यालय- – युक्तिहीने विचारे तु धर्महानि: प्रजायते
    37-वनस्थली विद्यापीठ- सा विद्या या विमुक्तये।
    38-राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद्-विद्याsमृतमश्नुते।39-केन्द्रीय विद्यालय- – तत् त्वं पूषन् अपावृणु
    40-केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड- – असतो मा सद् गमय
    41-प्रौद्योगिकीमहाविद्यालय, त्रिवेन्द्रम – कर्मज्यायो हि अकर्मण:42-देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इन्दौर -धियो यो नः प्रचोदयात्
    43-गोविंद बल्लभ पंत अभियांत्रिकी महाविद्यालय, पौड़ी -तमसो मा ज्योतिर्गमय
    44-मदन मोहन मालवीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय,गोरखपुर- – योगः कर्मसु कौशलम्
    45-भारतीय प्रशासनिक कर्मचारी महाविद्यालय, हैदराबाद- संगच्छध्वं संवदध्वम्
    46-इंडिया विश्वविद्यालय का राष्ट्रीय विधि विद्यालय- धर्मो रक्षति रक्षितः
    47-संत स्टीफन महाविद्यालय, दिल्ली- – सत्यमेव विजयते नानृतम्
    48-अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान- – शरीरमाद्यं खलुधर्मसाधनम्
    49-विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, नागपुर -योग: कर्मसु कौशलम्
    50-मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान,इलाहाबाद- – सिद्धिर्भवति कर्मजा
    51-बिरला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान, पिलानी -ज्ञानं परमं बलम्
    52-भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर – योगः कर्मसुकौशलम्
    53-भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई- – ज्ञानं परमं ध्येयम्
    54-भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर -तमसो मा ज्योतिर्गमय
    55-भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान चेन्नई -सिद्धिर्भवति कर्मजा
    56-भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की – श्रमं विना नकिमपि साध्यम्
    57-भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद -विद्या विनियोगाद्विकास:
    58-भारतीय प्रबंधन संस्थान बंगलौर- – तेजस्वि नावधीतमस्तु
    59-भारतीय प्रबंधन संस्थान कोझीकोड – योगः कर्मसु कौशलम्
    60-सेना ई एम ई कोर- – कर्मह हि धर्मह
    61-सेना राजपूताना राजफल- — वीर भोग्या वसुन्धरा
    62-सेना मेडिकल कोर- –सर्वे संतु निरामया
    63-सेना शिक्षा कोर- — विदैव बलम
    64-सेना एयर डिफेन्स- — आकाशेय शत्रुन जहि
    65-सेना ग्रेनेडियर रेजिमेन्ट- — सर्वदा शक्तिशालिं
    66-सेना राजपूत बटालियन- — सर्वत्र विजये
    67-सेना डोगरा रेजिमेन्ट- — कर्तव्यम अन्वात्मा
    68-सेना गढवाल रायफल- — युद्धया कृत निश्चया
    69-सेना कुमायू रेजिमेन्ट- — पराक्रमो विजयते
    70-सेना महार रेजिमेन्ट- — यश सिद्धि
    71-सेना जम्मू काश्मीर रायफल- – प्रस्थ रणवीरता
    72-सेना कश्मीर लाइट इंफैन्ट्री- — बलिदानं वीर लक्षयं
    73-सेना इंजीनियर रेजिमेन्ट- – सर्वत्र
    74-भारतीय तट रक्षक-वयम् रक्षामः
    75-सैन्य विद्यालय — युद्धं प्र्गायय
    76-सैन्य अनुसंधान केंद्र- — बालस्य मूलं विज्ञानम-
    77-नेपाल सरकार- – जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी
    78-इंडोनेशिया-जलसेना – जलेष्वेव जयामहेअसेह राज्य (इंडोनेशिया)-
    79-पञ्चचितकोलंबो विश्वविद्यालय- (श्रीलंका) – बुद्धि: सर्वत्र भ्राजते
    80-मोराटुवा विश्वविद्यालय (श्रीलंका) – विद्यैव सर्वधनम्
    81-पेरादेनिया विश्वविद्यालय – सर्वस्य लोचनशास्त्रम्-
    82- ज.रा.रा.संस्कृत विश्विद्यालय-ऋतञ्च स्वाध्याय-प्रवचने च
    83- दिल्ली विश्वविद्यालय- निष्ठा घृतिः सत्यम्
    84- गोरखपुर विश्वविद्यालय- आ नो भद्रा ऋतवो: यन्तु विश्वतः
    85- जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय- विद्या शक्तिः समस्तानां शक्तिः
    86- आचार्य नागार्जुन विश्वविद्यालय- सत्ये सर्वं प्रतिष्ठितम
    87- राजस्थान अभियांत्रिक विश्वविद्यालय- ज्ञानं सम्यगवेक्षणम्
    88- आंध्र विश्विद्यालय- तेजस्वि नावधीतमस्तु
    89. बंगलौर विश्विद्यालय- ज्ञानं विज्ञान सहितम्
    90- हरियाणा बोर्ड- तमसो मा ज्योतिर्गमय
    91.CBSE- असतो मा सद्गमय
    92- IIM लखनऊ – सुप्रबन्धे राष्ट्र समृद्ध
    93-भारतीय खनन विद्यालय धनबाद- उत्तिष्ठ जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत
    94- जवाहर नवोदय विद्यालय- प्रज्ञानम ब्रह्म
    95- केंद्रीय विद्यालय- तत्त्वं पूषनपावृणु
    96- उस्मानिया विश्विद्यालय- तमसो मा ज्योतिर्गमय
    97. पंजाब विश्वविद्यालय- तमसो मा ज्योतिर्गमय
    98. संत जेवियर स्कूल बोकारो-  रूपांतरीकरणीय
    99. सैनिक स्कूल चित्तौड़- न दैन्यं न पलायनम्
    100. मुम्बई विश्विद्यालय- शीलवृतफला विद्या
    101. मैसूर विश्वविद्यालय- न हिज्ञानेन सदृशम्

     
    • Srinivasa 7:20 am on November 4, 2015 Permalink | Reply

      Great compilation.

    • Srinivasa 7:22 am on November 4, 2015 Permalink | Reply

      संत स्टीफन महाविद्यालय, दिल्ली – Their motto is ‘ad dei gloriam’ – for the glory of God

      • गवीश: 7:04 am on December 13, 2015 Permalink | Reply

        सेण्ट्स्टीफ़न्समहाविद्यालयस्य उद्देश्यवाक्ये स्त: | एकं तु लैटिन् भाषायां यद्भवता विलिखितम्| अपरञ्च संस्कृते वर्तते “सत्यमेव विजयते नानृतम्” इति| सादरं निवेदयामि

      • Himanshu Pota 3:59 pm on December 28, 2015 Permalink | Reply

        मन्ये सेण्ट-स्टीवेन इति उच्चारणम् अस्ति।

    • Srinivasa 7:28 am on November 4, 2015 Permalink | Reply

      Indonesian Navy – जलेष्वेव जयामहे
      Indonesian Airforce – स्वभुवनपक्ष
      Indonesian Army – कार्त्तिक एकपक्षी

c
Compose new post
j
Next post/Next comment
k
Previous post/Previous comment
r
Reply
e
Edit
o
Show/Hide comments
t
Go to top
l
Go to login
h
Show/Hide help
shift + esc
Cancel