दशगुणोत्तराः संज्ञाः (Powers of Ten)

एक-दश-शत सहस्रायुत-लक्ष-प्रयुत-कोटयः क्रमशः।
अर्बुदमब्जं खर्व-निखर्व-महापद्म-शङ्कवस्तस्मात्॥
जलधिश्चान्तं मध्यं परार्घमिति दशगुणोत्तराः संज्ञाः।
सङ्ख्यायाः स्थानानां व्यवहार्थं कृताः पूर्वैः॥

सहस्त्रम् (१०००), अयुतम् (१०,०००), लक्षम् (१००,०००), प्रयुतम् (१,०००,०००), कोटिः (स्त्री॰) (१०,०००,०००), अर्बुदम् (१००,०००,०००), अब्जम् (१,०००,०००,०००), खर्बम् (१०,०००,०००,०००), निखर्बम् (१००,०००,०००,०००), महापद्मम् (१,०००,०००,०००,०००), शङ्कुः (पु॰) (१०,०००,०००,०००,०००), जलधि (न॰) (१००,०००,०००,०००,०००), अन्त्यम् (१,०००,०००,०००,०००,०००), मध्यम् (१०,०००,०००,०००,०००,०००), परार्धम् (१००,०००,०००,०००,०००,०००)|

२०१४-१२-२२ सोमवासरः (2014-12-22 Monday)